
कर्नाटक सरकार जल्दी एक विशेष कॉलेज शुरू करने जा रही है, जहां युवा राजनेताओं को राजनीति की बारीकियां सिखाई जाएंगी। कर्नाटक सरकार राजनीति को एक गंभीर पेशे की तरह पढ़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। विधानसभा परिषद के अध्यक्ष बसवराज होराटटी ने हाल ही में पूर्व मंत्री बी. वसवलींगप्पा के जन्म शताब्दी समारोह के दौरान घोषणा की गई कि राज्य में जल्द ही एक विशेष कॉलेज शुरू किया जाएगा, जहां उभरते युवा राजनेताओं को राजनीति की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
होराटटी ने कहा कि आजकल कहीं निर्वाचित प्रतिनिधियों को सदन के नियम कानून की बुनियादी जानकारी तक नहीं होती, वह बहस में भाग लेते हैं लेकिन संसदीय प्रक्रिया की समझ की कमी साफ दिखती है। युवाओं को राजनीति में बिना किसी तैयारी के कूद पड़ने की बजाय सही मार्गदर्शन और शिक्षा का सख्त जरूरत महसूस की जा रही है, इसी कमी को दूर करने के लिए यह कॉलेज स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
पाठ्यक्रम पर क्या होगा फोकस
इस कॉलेज में संविधान की मूल भावनाएं संसदीय प्रणालियों कार्य प्रणाली कानून निर्माण की प्रक्रिया और समाज सुधारकों के विचारों को प्रमुखता दी जाएगी, छात्रों को यह भी सिखाया जाएगा कि एक विधायक या सांसद सदन में अपनी भूमिका कैसे निभाएं, नीतियां कैसे बनाई जाए और जिन समस्याओं को प्रभावित तरीके से कैसे उठाया जाए, नैतिक मूल्य और आचार संहिता पर भी विशेष जोर रहेगा।
आम जनता और देश को क्या फायदा
जब राजनेता प्रशिक्षित और जागरूक होंगे तो वे जनता की समस्याओं को ज्यादा तार्किक और वैज्ञानिक तरीके से सदन में रख सकेंगे, नीति निर्माण में सुधार होगा प्रशासन में संवेदनशीलता बनी रहेगी,और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।



